जबलपुर रेलवे के लोगो व पते का अवैध रूप से उपयोग करने वालों पर रेल बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। बोर्ड ने सभी रेल जोन के महाप्रबंधकों को जारी आदेश में ट्रेडमार्क एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। रेलवे बोर्ड के ज्वाइंट सेकेेट्री एमएस मेहरा का आदेश पमरे मुख्यालय भी पहुंचा है। इसमें कहा गया है कि रेलवे की सलाहकार समितियों के कई सदस्य अवैध रूप से अशोक स्तंभ एवं रेलवे के लोगो का उपयोग कर रहे हैं। इतना ही नहीं, लेटरपैड व विजिटिंग कार्ड पर रेल भवन, नई दिल्ली, जोनल व डिवीजनल मुख्यालयों पते भी अपने पर दर्ज किए जा रहे हैं।
रेलवे बोर्ड ने आदेश में ऐसा करने वालों के खिलाफ ट्रेडमार्क एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने के लिए कहा है। इस आदेश के बाद जबलपुर जोन मुख्यालय ने तीनों डिवीजन के डीआरएम को भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जबलपुर जोन के आरपीएफ के मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजीव कुमार मलिक का कार्यालय भी हरकत में आ गया है। उनके निर्देश पर तीनों डिवीजन की आरपीएफ ने रेलवे के लोगो का अवैध इस्तेमाल करने वालों की पतासाजी शुरू कर दी है।
रेलवे में रेलवे हिन्दी सलाहकार समिति, क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति, मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समितियों में बाहरी सदस्यों को शामिल किया जाता है। जोनल, डिवीजनल सहित रेलवे बोर्ड स्तर पर बनने वाली समितियों में सांसद आदि द्वारा अनुशंसित लोगों को सदस्य बनाया जाता है। इन्हीं में से अधिकतर सदस्य रेल लोगो व पते का उपयोग करते हैं।
रेलवे की सलाहकार समितियों के सदस्य रेलवे के लोगो व पते का इस्तेमाल अपने लेटरपैड, विजिटिंग कार्ड पर नहीं कर सकते। रेलवे बोर्ड ने ऐसा करने वालों पर ट्रेडमार्क एक्ट के तहत कार्रवाई का आदेश दिया है। – सुरेन्द्र यादव, सीपीआरओ, जबलपुर जोन