डॉ. आ.पी. भटनागर के साथ सर्वश्री प्रवीण बाजपेई, महामंत्री, आर.जी. निंबालकर, कोषाध्यक्ष, अमित भटनागर उपाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष वी.एस. सोलंकी व मंडल सचिव एस.के. दुबे विराजमान थे। स्वागत समारोह के उपरांत श्री सोलंकी ने मुंबई मंडल की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मध्य रेलवे में सीआरएमएस ही एक ऐसा एकमात्र ऐसा संगठन है जो कामगारों की प्रत्येक समस्या को हल करने का हर संभव प्रयास करता है।
डॉ. भटनागर ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा की संघ के कार्यकर्ता निस्वार्थ ढंग से कामगारों की सेवा करते हैं। ईमानदारी के साथ कार्य करने वालों की ईश्वर हमेशा मदद करता है। सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि सीआरएमएस/एनएफआई सरकार की प्रत्येक हिटलरशाही का जमकर विरोध करता है और रेल कर्मियों के हितों की रक्षा करने के लिए वह कोई भी कुर्बानी देने में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से तन-मन-धन के साथ संगठन की सेवा करने की अपील की। युवा शक्ति का आवाहन करते हुए उन्होंने कहा कि आगे चलकर संगठन की बागडोर उन्हें ही संभालती हैं। इसके लिए उन्हें शिक्षित और संगठित होकर संघर्ष के मैदान में उतरना होगा। सर्वश्री एम.एफ. खान, बिष्ट, अर्जुन कुमार एवं नीरज ने सदन के समक्ष अपने-अपने विचार रखे। तदोपरांत श्री अमित भटनागर एवं श्री प्रवीण बाजपेई ने सभा को संबोधित किया।
अध्यक्ष डॉ. आर.पी. भटनागर ने सभा के अंत में वक्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संतोषजनक प्रतिउत्तर दिया। राष्ट्रीय गान के मधुर स्वरों के साथ इस महा सम्मेलन का समापन हुआ। वेलफेयर कमेटी के अध्यक्ष श्री राकेश सक्सेना सचिव श्री जॉन स्क्वेरा, एसएसई (वक्र्स) श्री प्रकाश एवं अन्य संघ कार्यकर्ताओं ने इस सम्मेलन को सफल बनाने में अहम भूमिका अदा की.